पहला खंड
अधिनियम 2025: प्रतिबंध किस पर है और किन पर लागू होता है
यह पृष्ठ केवल एक काम करता है: बताता है कि ऑनलाइन गेमिंग (संवर्धन और विनियमन) अधिनियम 2025 किन गतिविधियों को अलग-अलग श्रेणियों में रखता है, किस श्रेणी पर रोक लगाता है और किन-किन पक्षों को अपने दायरे में लेता है।

दस संचालकों के अपने दस्तावेज़ों से चार बातें: लाइसेंस का अधिकारक्षेत्र और संख्या, वह राशि जिसके बाद शर्तें पहचान सत्यापन की बात करती हैं, निकासी की घोषित सीमा और वह कंपनी जिसके नाम पर साइट चलती है। हर संख्या के पीछे खंड-संख्या दी गई है। जो खाना खाली दिखे, उसका अर्थ है कि हमने वह जानकारी पढ़ी नहीं — न कि यह कि उसका मान शून्य है या कोई सीमा नहीं है। इनमें से कोई भी लाइसेंस भारतीय अनुमति नहीं है; भारत में ऐसी कोई अनुमति मौजूद ही नहीं है।
- Vaveहमारा साझेदार · विज्ञापन
-
- लाइसेंसCuraçao Gaming Authority
- सत्यापन की घोषित राशिविवेक पर
- निकासी की सीमाइससे ऊपर 50,000 USDT किश्तों में खंड 8.8
- क्रिप्टोकरेंसी90
- कंपनीLatcas B.V.
- Rocketpot
-
- लाइसेंसCuracao
- सत्यापन की घोषित राशिUS$2,500
- निकासी की सीमा5,000 USD प्रति माह खंड 11.5
- क्रिप्टोकरेंसी13
- कंपनीDanneskjold Ventures B.V.
- Bitcasino.io
-
- लाइसेंसCuraçao Gaming Authority
- सत्यापन की घोषित राशि2,500 EUR
- निकासी की सीमा10,00,000 USDT प्रति सप्ताह खंड 6.10
- क्रिप्टोकरेंसीपढ़ा नहीं
- कंपनीMoon Technologies B.V.
- Wild Fortune
-
- लाइसेंसAnjouan Gaming Board
- सत्यापन की घोषित राशिविवेक पर
- निकासी की सीमा15,000 EUR प्रति माह खंड 11.8
- क्रिप्टोकरेंसी10
- कंपनीMetlait SRL
- DuckDice
-
- लाइसेंसAnjouan Gaming Board
- सत्यापन की घोषित राशिविवेक पर
- निकासी की सीमाहमने पढ़ा नहीं
- क्रिप्टोकरेंसी10
- कंपनीZentari Limitada
- Empire.io
-
- लाइसेंसAnjouan Gaming Board
- सत्यापन की घोषित राशि2,000 USDT
- निकासी की सीमाहमने पढ़ा नहीं
- क्रिप्टोकरेंसीपढ़ा नहीं
- कंपनीPixel Entertainment Limited
- Metaspins
-
- लाइसेंसCuraçao Gaming Authority
- सत्यापन की घोषित राशिविवेक पर
- निकासी की सीमाहमने पढ़ा नहीं
- क्रिप्टोकरेंसी8
- कंपनीMetaspins N.V.
- Rainbet
-
- लाइसेंसAnjouan Gaming Board
- सत्यापन की घोषित राशिविवेक पर
- निकासी की सीमाहमने पढ़ा नहीं
- क्रिप्टोकरेंसी9
- कंपनीRBGAMING N.V.
- Shuffle
-
- लाइसेंसCuraçao Gaming Authority
- सत्यापन की घोषित राशिविवेक पर
- निकासी की सीमाहमने पढ़ा नहीं
- क्रिप्टोकरेंसी6
- कंपनीNatural Nine B.V.
- Wild.io
-
- लाइसेंसCuraçao Gaming Authority
- सत्यापन की घोषित राशिविवेक पर
- निकासी की सीमा1,00,000 USD प्रति सप्ताह खंड 9.6
- क्रिप्टोकरेंसी12
- कंपनीNonce Gaming B.V.
एक कानून, तीन श्रेणियाँ
अधिनियम का पूरा नाम ही उसकी संरचना बता देता है: ऑनलाइन गेमिंग (संवर्धन और विनियमन) अधिनियम 2025। इसमें "संवर्धन" यानी बढ़ावा देना और "विनियमन" यानी नियंत्रण — दोनों शब्द हैं, क्योंकि कानून पूरे ऑनलाइन गेमिंग को एक ही चीज़ नहीं मानता। वह उसे अलग-अलग श्रेणियों में बाँटता है और हर श्रेणी के साथ अलग व्यवहार करता है।
एक ओर ई-स्पोर्ट्स है, जिसे कानून प्रतिस्पर्धी खेल के रूप में मान्यता देता है और जिसके लिए पंजीकरण और बढ़ावे की व्यवस्था की बात करता है। दूसरी ओर ऐसे ऑनलाइन सामाजिक खेल हैं जो मनोरंजन या सीखने के लिए खेले जाते हैं और जिनमें खिलाड़ी जीत की उम्मीद में पैसा दाँव पर नहीं लगाता।
तीसरी श्रेणी ऑनलाइन मनी गेमिंग है — वह खेल जिसमें खिलाड़ी पैसा या पैसे के समकक्ष कोई मूल्य लगाता है, इस उम्मीद के साथ कि उसे उससे अधिक मिलेगा। यही वह श्रेणी है जिस पर कानून रोक लगाता है, और इसी श्रेणी में वह सब आता है जिसकी चर्चा इस साइट पर है।
एक बात जो अक्सर छूट जाती है: कानून इस श्रेणी को परिभाषित करते हुए यह नहीं पूछता कि खेल में कौशल अधिक है या संयोग। पहले के वर्षों में भारत की अदालतों में यही भेद बहस का केंद्र था — "कौशल का खेल" और "संयोग का खेल" — और उसी भेद पर बहुत सारा उद्योग खड़ा था। अधिनियम 2025 इस बहस को अपनी परिभाषा से बाहर कर देता है: धारा 2(1)(g) कहती है कि खेल कौशल पर आधारित हो, संयोग पर, या दोनों पर — इससे कोई फ़र्क नहीं पड़ता। जो सामग्री अभी भी इस भेद के सहारे "यह श्रेणी अलग है" जैसा तर्क देती है, वह पुराने ढाँचे में लिखी गई है।
अधिनियम भारत के राजपत्र में अधिनियम संख्या 32 (2025) के रूप में प्रकाशित हुआ। धारा 1(3) के अनुसार यह उस तिथि से लागू होता है जो केंद्र सरकार अधिसूचना द्वारा नियत करे। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार वह तिथि 1 मई 2026 है — राजपत्र की वह अधिसूचना इस पृष्ठ के लिए स्वयं नहीं पढ़ी गई, इसलिए यह तिथि द्वितीयक स्रोत पर टिकी है। अधिनियम की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाएँ उच्चतम न्यायालय में लंबित हैं; इस पृष्ठ के अद्यतन तक न्यायालय ने अधिनियम पर कोई रोक नहीं लगाई है। चारों तारीखें, मामला संख्या और लंबित चुनौती से क्या बदलता है और क्या नहीं — यह अधिनियम की मौजूदा स्थिति पर दर्ज है।
प्रतिबंध किन-किन पर पड़ता है
अधिनियम का दायरा केवल खेल की पेशकश तक सीमित नहीं है। वह उस पूरी शृंखला को देखता है जिससे ऐसी सेवा लोगों तक पहुँचती है।
पहला हिस्सा सेवा की पेशकश है: ऑनलाइन मनी गेमिंग सेवा देना, चलाना या उसकी सुविधा देना।
दूसरा हिस्सा विज्ञापन है। कानून ऐसी सेवाओं के विज्ञापन, प्रचार और प्रायोजन को अलग से संबोधित करता है। यह इसलिए महत्वपूर्ण है कि पिछले वर्षों में इस उद्योग की दृश्यता का बड़ा हिस्सा विज्ञापन से ही आता था — प्रसारण के दौरान, ऐप के भीतर और सामाजिक माध्यमों पर।
तीसरा हिस्सा पैसा है। कानून ऐसी सेवाओं से जुड़े वित्तीय लेनदेन की सुविधा देने को भी अपने दायरे में लेता है, यानी वह बैंकों और भुगतान-मध्यस्थों की भूमिका को अनदेखा नहीं छोड़ता।
इन तीन हिस्सों का व्यावहारिक अर्थ यह है कि प्रतिबंध सेवा देने, उसका प्रचार करने और उसके लिए भुगतान की सुविधा देने — तीनों पर अलग-अलग बैठता है। यही वजह है कि इस साइट पर आपको यह लिखा नहीं मिलेगा कि इनमें से किसी भी हिस्से के आसपास कैसे जाया जाए। न यहाँ अवरोधों की चर्चा है, न भुगतान के वैकल्पिक रास्तों की, न किसी तकनीकी उपाय की। यह विषय ही इस साइट का नहीं है।
दंड का ढाँचा
अधिनियम इन उल्लंघनों के लिए कारावास या जुर्माना, या दोनों का प्रावधान करता है — विकल्प अदालत के पास रहता है।
अधिनियम की धारा 9 हर उल्लंघन के लिए दंड अलग-अलग तय करती है, और हर मामले में कारावास, जुर्माना, या दोनों — यह अदालत तय करती है।
धारा 5 का उल्लंघन, यानी ऑनलाइन मनी गेमिंग सेवा देना: तीन वर्ष तक का कारावास, या एक करोड़ रुपये तक का जुर्माना, या दोनों — धारा 9(1)।
धारा 6 का उल्लंघन, यानी ऐसी सेवा का विज्ञापन: दो वर्ष तक का कारावास, या पचास लाख रुपये तक का जुर्माना, या दोनों — धारा 9(2)।
धारा 7 का उल्लंघन, यानी ऐसी सेवा के भुगतान के लिए धन के लेनदेन या अनुमोदन की सुविधा देना: तीन वर्ष तक का कारावास, या एक करोड़ रुपये तक का जुर्माना, या दोनों — धारा 9(3)।
दोहराव पर दंड की न्यूनतम सीमा तय हो जाती है। धारा 9(1) या 9(3) के तहत दूसरी और हर अगली बार दोषसिद्धि पर कारावास तीन वर्ष से कम नहीं और पाँच वर्ष तक, जुर्माना एक करोड़ से कम नहीं और दो करोड़ रुपये तक — धारा 9(4)। धारा 9(2) के दोहराव पर कारावास दो वर्ष से कम नहीं और तीन वर्ष तक, जुर्माना पचास लाख से कम नहीं और एक करोड़ रुपये तक — धारा 9(5)।
धारा 10 के अनुसार धारा 5 और धारा 7 के अपराध संज्ञेय और गैर-जमानती हैं।
एक बात जो इस ढाँचे में साफ़ है और जिसे अक्सर गलत लिखा जाता है: अध्याय V में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है जो केवल खेलने वाले उपयोगकर्ता पर दंड लगाता हो। धारा 9 के तीनों उपबंध सेवा देने वाले, विज्ञापन करने वाले और भुगतान की सुविधा देने वाले को संबोधित हैं।
यहाँ एक ईमानदारी की बात। इस साइट का काम खंड-दर-खंड कानूनी विश्लेषण नहीं है, और ऊपर दिया गया विवरण अधिनियम के ढाँचे का सारांश है, उसका स्थानापन्न नहीं। किसी वास्तविक स्थिति में — चाहे वह किसी कंपनी की हो या किसी व्यक्ति की — मायने अधिनियम का पाठ और योग्य कानूनी सलाह रखते हैं, कोई तुलना-पृष्ठ नहीं। यह पृष्ठ कानूनी सलाह नहीं है और न ही उसका विकल्प।
इसीलिए कोई भारतीय लाइसेंस नहीं है
अब उस नतीजे पर, जो इस पूरी साइट की बुनियाद है।
जब कोई देश किसी गतिविधि को विनियमित करता है, तो वह एक प्राधिकरण बनाता है, अनुमति-पत्र की शर्तें तय करता है और एक सार्वजनिक रजिस्टर रखता है जिसमें अनुमति पाए नामों की सूची होती है। जब कोई देश उसी गतिविधि पर रोक लगाता है, तो यह पूरी व्यवस्था बनती ही नहीं — क्योंकि जिस चीज़ पर रोक है, उसके लिए अनुमति-पत्र का कोई अर्थ नहीं।
भारत ऑनलाइन मनी गेमिंग के मामले में दूसरी स्थिति में है। इसलिए यह वाक्य पूरी तरह सही है और इसे दोहराने लायक है: कोई भारतीय ऑनलाइन कैसीनो लाइसेंस मौजूद नहीं है, किसी संचालक के पास वह हो नहीं सकता, और कोई सूची ऐसी नहीं है जिसमें जाकर आप "भारत में अनुमति प्राप्त" जैसा दावा जाँच सकें।
इसका दूसरा पहलू भी उतना ही महत्वपूर्ण है। अगर कोई साइट लिखती है कि उसके पास भारतीय अनुमति है, तो वह दावा जाँचा नहीं जा सकता — इसलिए नहीं कि रजिस्टर तक पहुँच कठिन है, बल्कि इसलिए कि रजिस्टर है ही नहीं। ऐसा दावा अपने आप में एक चेतावनी है।
विदेशी लाइसेंस इस तस्वीर में कहाँ बैठता है
इस साइट की तालिका में दसों संचालक लाइसेंस संख्या के साथ दर्ज हैं — छह कुराकाओ के और चार अंजुआन के। इन संख्याओं का एक सीमित पर वास्तविक उपयोग है: वे बताती हैं कि जारी करने वाले प्राधिकरण के रजिस्टर में एक प्रविष्टि है जिसे कोई भी देख सकता है, यानी संचालक का दावा जाँचने योग्य है।
इनका जो उपयोग नहीं है, वह यह: ये संख्याएँ भारतीय कानून के सामने कोई हैसियत नहीं रखतीं। कुराकाओ का लाइसेंस कुराकाओ के कानून के तहत जारी होता है, अंजुआन का अंजुआन के कानून के तहत। दोनों में से कोई भी भारत में कुछ अधिकृत नहीं करता, और न ही इस बात को बदलता है कि अधिनियम 2025 क्या कहता है।
इसी वजह से इस साइट पर तुलना का ढाँचा वह नहीं है जो एक विनियमित बाज़ार में होता। वहाँ प्रश्न होता है "किसके पास अनुमति है"। यहाँ वह प्रश्न पूछा ही नहीं जा सकता, इसलिए यहाँ प्रश्न यह है कि किस संचालक ने अपने दस्तावेज़ों में कितना लिखा है और उसमें से कितना बाहर से जाँचा जा सकता है। लाइसेंस संख्याओं का ब्योरा लाइसेंस और रजिस्टर पर है।
एक अंतिम अंतर
कानून जो कहता है और लोग जो करते हैं — ये दो अलग प्रश्न हैं, और इस साइट का विषय पहला है। यहाँ आपको यह नहीं मिलेगा कि कितने लोग क्या कर रहे हैं, इससे कोई निष्कर्ष निकालने की कोशिश तो बिल्कुल नहीं, क्योंकि किसी व्यवहार का व्यापक होना उसकी कानूनी स्थिति नहीं बदलता।
जो मिलेगा वह यह है: कानून की श्रेणियाँ, प्रतिबंध का दायरा, और उसके बाद विदेशी संचालकों के अपने दस्तावेज़ों में लिखी हुई शर्तें — खंड-संख्या के साथ, ताकि हर वाक्य के पीछे कोई ऐसा स्रोत हो जिसे पाठक खुद देख सके।

Vave
Rocketpot
Bitcasino.io
Wild Fortune
DuckDice
Empire.io
Metaspins
Rainbet
Shuffle
Wild.io